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Mahatma Gandhi

26 जुलाई 1924 · इतिहास में आज

Dramatized

येरवदा, 26 जुलाई। बाहर बारिश की आहट है, पर छत से टपकता पानी मेरे डेस्क पर नहीं पड़ना चाहिए — 1 अगस्त का 'यंग इंडिया' अभी अधूरा है। छह दिन। मैंने अपनी दाढ़ी में कलम फँसा रखी है, यह आदत नहीं, बस जेब में जगह नहीं। साथी पूछते हैं: 'इतनी जल्दी क्यों?' मैं कहता हूँ: 'आग बुझाने में देरी मतलब राख में घुटना।' मेरे पास कोई ताबीज़ नहीं, सिर्फ एक नियम — जो लिखूँ, वह पहले मुझ पर आज़मा लूँ। आज सुबह चरखे का धागा फिर टूटा। मैंने उसे जोड़ा। यही मेरी तैयारी है।

Explain more

1 अगस्त 1924 को 'यंग इंडिया' में मेरा लेख छपा — असहयोग आंदोलन के बाद हिंसा पर मेरी आत्म-आलोचना। मैंने कहा था कि हिंसा हमारी हार है, मेरी हार।

Why it matters

नेतृत्व का मतलब गलती मानना भी है, सिर्फ भाषण नहीं।

Try today

कोई एक काम जो आप टाल रहे हैं, उसे पूरा करें — बिना बहाने।

What is true / dramatized: Dramatized. Educational entertainment — not a primary historical source.

गांधी की येरवदा जेल डायरी और 'यंग इंडिया' 1 अगस्त 1924 अंक का संदर्भ।

Difficulty: medium · ~3 min

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